- अधिवक्ता संघ और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में लिया गया निर्णय
शोहरत अली
मछलीशहर, जौनपुर। शुक्रवार को अधिवक्ता संघ और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार को लेकर चल रहे गतिरोध पर वार्ता हुई। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने कहा कि तहसील में किसी भी कीमत पर कोई सुविधा शुल्क न दें। कोई यदि धन की मांग करता है तो मेरे संज्ञान में अवश्य दें तत्काल दंडात्मक कार्यवाही होगी।
बैठक की जानकारी देते हुए संगठन के महामंत्री नंदलाल यादव ने बताया कि बीते कई दिनों से तहसील में उठ रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने गंभीरता से लिया। शुक्रवार को दोपहर में तहसील सभागार में बार बेंच की बैठक हुई। बैठक में उपस्थित तहसीलदार रवि रंजन कश्यप और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव ने अधिवक्ताओं के बीच स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी पत्रावली में किसी भी कर्मचारी को कोई सुविधा शुल्क न दिया जाए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्होंने सभी लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को कड़ा निर्देश दिया है कि अगर भ्रष्टाचार संबंधित शिकायतें प्रमाण के सहित उनके समक्ष लाई जाती है तो कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि खतौनी, आय-जाति-अधिवास सहित सभी पटलों का स्वयं निरीक्षण करेंगे और भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होगी। लंबे समय से चल रही अधिवक्ताओं की लड़ाई वार्ता के बाद समाप्त हो गई।
बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हुबेदार पटेल, महामंत्री नंदलाल यादव, पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिन्हा, हरिनायक तिवारी, संजीव चौधरी, सतीश पंकज, अशोक श्रीवास्तव, भरत लाल यादव, रामसूरत पटेल, सरजू प्रसाद बिंद, रामआसरे द्विवेदी, विकास यादव, पवन गुप्ता, बृजेश यादव, शशांक, रघुनाथ प्रसाद आदि उपस्थित रहे।