मौखिक एवं लिखित शिकायत के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं
जौनपुर। जनपद के जनप्रतिनिधि जहां अपने क्षेत्र का सर्वांगीण विकास का दावा करते हैं, वहीं जौनपुर नगर का एक मोहल्ला ऐसा है जहां के लोग पिछले डेढ़ वर्ष से अपने क्षेत्र की दुर्दशा देखकर आंसू बहाते हुये नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। ऐसा भी नहीं है कि उस क्षेत्र के लोगों ने कहीं किसी जिम्मेदार से मौखिक या लिखित रूप से अपनी पीड़ा नहीं बताया है लेकिन इसके बावजूद भी वहां के लोग अपनी किस्मत पर रो रहे हैं।
बता दें कि उक्त मोहल्ला नगर पालिका जौनपुर के अन्तर्गत सुक्खीपुर है। सुक्खीपुर मोहल्ले की एक गली बहुचर्चित एक विद्यालय से होते हुये ईशापुर के बाद भण्डारी रेलवे स्टेशन की ओर जाती है। इतना ही नहीं, उक्त गली में कई आईएएस अधिकारी का भी आवास है। साथ ही पूर्व विधायक नदीम जावेद का आशियाना/कैम्प कार्यालय भी है। फिलहाल उक्त गली की सड़क पिछले डेढ़ वर्ष पहले खोदी गयी थी लेकिन हालत यह है कि थोड़ी सी मिट्टी आदि डालकर छोड़ दिया गया है।
इस संदर्भ में क्षेत्रीय लोगों द्वारा पूछे जाने पर कोई सकारात्मक उत्तर भी नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते उक्त गली के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। उक्त गली के निवासी लल्ली सोनकर, जय नारायण सोनकर, मुंशी सावन सोनकर, जगदीश सोनकर, आर्यन सोनकर, गुलाब सोनकर, गामा, मलखान, सरमन सहित तमाम लोगों ने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मनोरमा मौर्या एवं सदर विधायक/राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव के साथ सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुये समस्या के समाधान की मांग किया है।
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