निदेशक ने कहा— 31 अगस्त तक करायें खरीफ फसलों का बीमा
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रकृति की मार से फसलों में होने वाली क्षति से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बचाएगी। जनपद में खरीफ मौसम की सात फसलों का बीमा किया जा रहा है, इसके लिये किसानों को दो प्रतिशत मामूली प्रीमियम देना होगा। बीमा की जिम्मेदारी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को सौंपी गई है। पहले कर्ज से उगाई गई फसलों का खुद बीमा हो जाता था किंतु अब योजना को ऐच्छिक कर दी गई है। कृषकों के लिए 31 अगस्त तक की तिथि निर्धारित की गई है।
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान होने पर किसानों के आर्थिक क्षति की भरपाई करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू किया है। जनपद में खरीफ की धान, मक्का, उर्द, बाजरा, ज्वार, तिल और अरहर की फसल का बीमा किया जाएगा। इसके लिए किसानों को प्रीमियम का मात्र दो प्रतिशत का भुगतान करना होगा, बाकी धनराशि सरकार द्वारा दी जाएगी।
उप परियोजना निदेशक आत्मा डा. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि खरीफ 2026 मौसम हेतु बीमा कराने की अन्तिम तिथि ऋणी कृषकों के लिए 31 अगस्त एवं गैर ऋणी कृषकों के लिए 14 अगस्त निर्धारित है, एनसीआईपी पोर्टल फसल बीमा हेतु खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल न होने वाले ऋणी किसानों को संबंधित बैंकों में लिखित सूचना देना होगा अन्यथा उनके खाते से प्रीमियम कटौती कर योजना से जोड़ दिया जाएगा। गैर ऋणी कृषक सीएससी से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्षात कम होने से उत्पादन घटना स्वाभाविक है ऐसे में अधिक से अधिक किसान अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराए ताकि नुकसान की भरपाई फसल बीमा योजनान्तर्गत हो सकें।
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