Jaunpur News: नाली जाम, सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों में आक्रोश

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Jaunpur News: नाली जाम, सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों में आक्रोश


समस्या से आजिज ग्रामीणों ने खुद शुरू की नाली की सफाई

राकेश शर्मा

खेतासराय, जौनपुर। विकास खण्ड शाहगंज सोंधी क्षेत्र के ग्रामसभा तारगहना में नाली जाम होने से सड़क पर हुए जलभराव ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। जल निकासी की व्यवस्था चरमराने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार शनिवार दोपहर ग्रामीण स्वयं लामबंद हुए और नाली की सफाई का काम शुरू कर दिया।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव के बीच से होकर गुजरने वाली सड़क के मध्य नाली का निर्माण कराया गया है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाली मिट्टी, कीचड़ और गंदगी से पूरी तरह पट गई है। बरसात के साथ ही घरों से निकलने वाला पानी नाली के रास्ते आगे नहीं जा पा रहा है। परिणामस्वरूप पानी सड़क पर फैल गया है।

जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी पैदल राहगीरों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी और कीचड़ के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है। आए दिन बच्चे और राहगीर फिसलकर गिर जाते हैं। इससे कपड़े खराब होने के साथ कई लोगों को चोट भी लग चुकी है।

शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान मंगला बिन्द और राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव से कई बार शिकायत किया लेकिन हर बार समस्या के समाधान का आश्वासन ही मिला। लगातार परेशानी झेल रहे ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदारों की ओर से कोई पहल नहीं हुई तो उन्हें स्वयं नाली साफ करने के लिए आगे आना पड़ा। शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर नाली की सफाई शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों में जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि जिस समस्या का समाधान संबंधित जिम्मेदारों को करना चाहिए, उसके लिए ग्रामीणों को खुद हाथ में फावड़ा और कुदाल उठानी पड़ रही है।

प्रधान ने विधायक निधि का दिया हवाला

इस संबंध में ग्राम प्रधान मंगला बिन्द से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सड़क और नाली का निर्माण विधायक निधि से कराया गया है, ऐसे में वह इसमें क्या कर सकते हैं। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने गांव के मुख्य रास्ते की बदहाली का भी मुद्दा उठाया। करीब 800 मीटर लंबी सड़क, जिसे पूर्व विधायक नदीम जावेद ने बनवाया था, अब पूरी तरह टूट चुकी है। प्रधान के इस बयान के बाद ग्रामीणों की समस्या से जुड़ा एक बड़ा सवाल भी सामने आता है यदि गांव की सड़क और नाली बदहाल है तो उसकी नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?

सफाई व्यवस्था पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने गांव में तैनात सफाई कर्मी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब नालियां मिट्टी और कीचड़ से भरकर जाम हो जाएं और ग्रामीणों को खुद उनकी सफाई के लिए उतरना पड़े तो फिर सफाई व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव की नाली की तत्काल सफाई कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग किया है।

विकास के दावों के बीच गांव की हकीकत पर सवाल

तारगहना गांव की स्थिति ने गांवों में विकास और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव कोई अचानक पैदा हुई समस्या नहीं है। नालियों की नियमित सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था पहले से दुरुस्त कर दी जाती तो सड़क पर पानी भरने की स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों ने जौनपुर सदर क्षेत्र के विधायक से भी समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग किया है। उनका कहना है कि गांव में बड़ी आबादी निवास करती है और मुख्य रास्ते की बदहाली का सीधा असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों के खुद नाली साफ करने के बाद जिम्मेदारों की नींद खुलती है या जलभराव की यह समस्या अगली बारिश तक यूं ही ग्रामीणों की परेशानी बनी रहती है। इस मौके पर मुरली बिन्द, राम अचल, अंकित, सुधीराम, गुलशन, दीनानाथ, सरोजा देवी, रेखा बिन्द, लालता प्रसाद, चंद्रावती, सुदर्शन, अनारा देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


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