Jaunpur News: कागजों में अटका 'स्टीमेट', सुन्दरनगर में सड़क पर चलना मुहाल

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: कागजों में अटका 'स्टीमेट', सुन्दरनगर में सड़क पर चलना मुहाल


आईजीआरएस पर 'बोर्ड बैठक' का झांसा देकर किया गया इतिश्री

अजय पाण्डेय

जौनपुर। नगर पालिका परिषद जौनपुर के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई देखनी हो तो वार्ड नंबर 7 (वाजिदपुर दक्षिणी) स्थित सुंदरनगर कॉलोनी का रुख कर लीजिए। यहां राजकुमार के घर से लेकर डॉ. उदयभान यादव के घर तक का संपर्क मार्ग बदहाली के आंसू रो रहा है। गड्ढों और कच्ची मिट्टी से पटी यह सड़क नगर पालिका प्रशासन की घोर उपेक्षा का जीता-जागता प्रमाण बनी हुई है।


रैंकिंग सुधारने की कवायद?

सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज़िम्मेदारो को लिखित तथा मौखिक रूप से अवगत कराने के बाद भी जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्थानीय जागरूक नागरिक सचिन यादव ने शासन के प्राथमिकता वाले आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के निस्तारण में प्रशासनिक अमले ने जो रिपोर्ट लगाई। उसने कागजी बाजीगरी की मिसाल पेश कर दी। आख्या में लिखा गया: मार्ग निर्माण हेतु एस्टीमेट (प्राक्कलन) तैयार कर लिया गया है और आगामी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव स्वीकृति हेतु रखा जाएगा।" इस आधिकारिक जवाब को दर्ज हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन जमीन पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या आईजीआरएस पोर्टल केवल अधिकारियों द्वारा अपनी पोर्टल रैंकिंग सुधारने और शिकायतों को कागजों पर 'निस्तारित' दिखाने का जरिया बनकर रह गया है?


बुजुर्गों, मरीजों एवं स्कूली बच्चों के लिये जोखिम भरी राह

राजकुमार के घर से डॉ. उदयभान यादव के घर तक का यह रास्ता हल्की सी बारिश में दलदल बन जाता है। आम दिनों में भी धूल और  गड्ढों के चलते आए दिन दो पहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। यदि कॉलोनी में किसी बीमार या बुजुर्ग के लिए एंबुलेंस बुलानी पड़े, तो गाड़ी का अंदर पहुंचना नामुमकिन सा हो जाता है। स्कूल जाने वाले नौनिहाल भी हर रोज इसी जोखिम भरी राह से गुजरने को विवश हैं।

जनाक्रोश: आन्दोलन की तैयारी में स्थानीय नागरिक

नगर पालिका की टालमटोल नीति से सुंदरनगर के निवासियों का सब्र अब टूट चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है: जिम्मेदारो सें सीधा सवाल यह है कि यदि सड़क का एस्टीमेट तैयार हो चुका है तो 60 दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी फाइल बोर्ड बैठक की मेज तक क्यों नहीं पहुंची? तथा आईजीआरएस पर झूठी तसल्ली देकर जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डालने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही कब तय होगी तथा वार्ड नंबर 7 वाजिदपुर दक्षिणी की इस बुनियादी समस्या पर नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और स्थानीय सभासद कब अपनी चुप्पी तोड़ेंगे तथा समस्या का हल कब निकलेगा? कब हम निवासियों को इस समस्या से निजात मिलेगी?

ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!