Jaunpur News: किसानों का हक एवं उनके फसलों की सुरक्षा को लेकर सरकार के वादे झूठे साबित हो रहे

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: किसानों का हक एवं उनके फसलों की सुरक्षा को लेकर सरकार के वादे झूठे साबित हो रहे


जंगली जानवरों के प्रकोप से किसानों की खेती का हो रहा सर्वनाश

अजय पाण्डेय

जौनपुर। किसानों के सभी फसल नष्ट कर रहे जंगली जानवर जिसे नीलगाय और घड़रोज के नाम से जाना जाता है। जहां सरकार छुट्टे पशुओं क़ो रखने के लिये गांवों में अस्थायी व स्थायी गौशाला बनाकर उसकी देख—रेख करवा रही, वहीं इन जंगली जानवरों पर अंकुश क्यों नहीं लगा पा रही है? जबकि इनकी पैदावार भी बहुत तेजी के साथ बढ़ रही है। जिस खेत में घुसते हैं, पूरा खेत साफ हो जा रहा है। किसान बेचारे अरहर, चना, मटर, मूंग, उर्द, तिल, सरसो, आलू, सब्जी, बाजरा बजरी बोने से भी डर रहे हैं, क्योंकि उनके मेहनत, पैसा लगाने के बाद भी एक तिनका अनाज घर तक नहीं पहुँच पाता है। प्रदेश सरकार द्वारा डाई, यूरिया, बीज आदि लेकर भी किसान क्या करें ,जब उसके खेत से मेहनत करने के बाद भी एक दाना घर न पहुंचे।

झटका मशीन लगाकर कुछ बड़े किसान इन जानवरों से बचत कर भी लेते थे, मगर अब उस पर भी बैन लगा दिया गया। सरकार वन विभाग क़ो चुस्त—दुरुस्त कर इन जंगली जानवरों क़ो रोकने के लिए ऐसी दवा का निर्माण करे जो उन्हें इंजेक्शन गन से लगाया जाय और किसानों के दुश्मन जंगली जानवरों की पैदावार रोकी जा सके। सरकार इन जंगली जानवरों क़ो जिन्हें नीलगाय की उपाधी दे रखी है, को पकड़वाकर दूर जंगलों में छोड़ा जाय।

अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों की पीड़ा क़ो सरकार क्यों नहीं समझती? महीने के गेहूं चावल फ्री कर देने और तिमाही 2000 से ही क्या उनके परिवार का भरण पोषण हो सकेगा। गेहूं से आटा और चावल सिर्फ खाया जा सकता है क्या? क्या सरकार ने कभी इन बिन्दुओं पर सघन निष्पक्ष जांच कराया कि छोटे से बड़े किसानों कि क्या हालात है?

क्या सरकार किसान क़ो निष्क्रिय और पंगु बनाने का कानून बना रही है। यदि जंगली जानवरों क़ी ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाले समय में किसान जिसे अन्नदाता कहा जाता था, वह मृतप्राय हो जायेंगे, अन्यथा सरकार इस पर तत्काल प्रभाव से निर्णय ले और नीलगाय व घड़रोज कहे जाने वाले जंगली जानवरों से निजात दिलाने का कार्य करें तभी माना जायेगा क़ी किसानों के फसल क़ी सुरक्षा सरकार कर रही है।


ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!