प्रधानमंत्री ने की अपील: 21 दिन तक 9 गरीब परिवारों की करें मदद | #AAPKIUMMID - उम्मीद

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Wednesday, March 25, 2020

प्रधानमंत्री ने की अपील: 21 दिन तक 9 गरीब परिवारों की करें मदद | #AAPKIUMMID

सुरेश गांधी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीका दावा है कि 21 दिनों की लक्ष्मण रेखा से जितेगा हिन्दुस्तान, हारेगा कोरोना। वे बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट से गुजर रहा है, ऐसे समय में उनके आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है। मैं कामना करता हूं कि उनकी कृपा से इस संकट से हम उनके आशीर्वाद से लड़ाई लड़ लेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि 21 दिन में हमे कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशी वासियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। संकट की इस घड़ी में काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है। काशी का तो अर्थ ही है शिव। इस संकट के समय में काशी के लोग पूरी दुनिया को सीख दे सकते हैं। शिव यानी कल्याण। शिव की नगरी में, महाकाल-महादेव की नगरी में संकट से जुझने का, सबको मार्ग दिखाने का सामर्थय है।
मोदी ने कहा कि काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन, समयातीत है और इसलिएआज लॉकडाउन की परिस्थिति में  काशी देश को संयम, समन्वय, संवेदनशीलतासिखा सकती है। काशी देश को सहयोग, शांति, सहनशीलता सिखा सकती है। काशी देश को साधना, सेवा, समाधान सिखा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, आज कोरोनी के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी का सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था, लेकिन आप यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं, उससे भी परिचित हैं। यहां की व्यस्तता के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट ले रहा हूं।
उन्होंने काशीवासियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कभी-कभी लोग जानकारी होते हुए भी गलतियां करते हैं। कोरोना से लड़ाई में सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग ही सही है। इसी से लोग ठीक भी हो रहे हैं। इसके कई उदाहरण भी मिले हैं। उन्होंने कहा देश कोरोना से लड़ाई में लगा है। उन्होंने हेल्पलाइन का नंबर भी साझा किया। पीएम मोदी ने कहा कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने वाट्सएप के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। अगर आपके पास वाट्सएप की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर ’नमस्ते’ खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा। कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। अगर आपके पास कोई जानकारी है तो आप इस नंबर 9013151515 पर ’नमस्ते’ खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में, अस्पतालों में इस समय सफेद कपड़ों में दिख रहा हर व्यक्ति ईश्वर का ही रूप है। आज यही हमें मृत्यु से बचा रहे हैं, अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारा जीवन बचा रहे हैं। ये डॉक्टर और कर्मचारी हमें बचा रहे हैं। उन्होंने एक काशी के एक व्यापारी के सवाल के जवाब देते हुए कहा कि कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को और न हमारे संस्कार को मिटा सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना का जवाब देने का सबसे सटीक उपाय करुणा है। हम करुणा से कोरोना को जवाब दे सकते हैं। हम संकट के इस समय में गरीबों के साथ करुणा दिखा सकते हैं। अभी नवरात्र शुरू हुआ है। हम संकल्प लें कि अगले 21 दिन तक हम नौ गरीब परिवारों को पालने की जिम्मेदारी लें तो यह नवरात्रि सफल हो जाएगी। इसके अलावा आपके आसपास जो पशु हैं, उनकी भी चिंता करनी है। मेरी लोगों से प्रार्थना है कि अपने आस-पास के पशुओं का भी ध्यान रखें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर मैं कहूं कि सब कुछ ठीक है, सब कुछ सही है, तो मैं मानता हूं कि ये खुद को भी धोखा देने वाली बात होगी। इस समय केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, जितना ज्यादा हो सके, जितना अच्छा हो सके, इसके लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छा होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है। कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ, इसका फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। निराशा फैलाने के हजारों कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रशासन पर कम से कम दबाव डालें, प्रशासन का सहयोग करें। अस्पताल में काम करने वाले, पुलिसकर्मी, सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले, हमारे मीडियाकर्मी इन सभी का हमें हौसला बढ़ाना चाहिए।



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