जौनपुर: सियासी शोर में नहीं हो रही आधी आबादी के मुद्दों पर बहस | #AAPKIUMMID - उम्मीद

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Saturday, May 4, 2019

जौनपुर: सियासी शोर में नहीं हो रही आधी आबादी के मुद्दों पर बहस | #AAPKIUMMID


  • 30 वर्ष से महिला सशक्तीकरण के कार्य में लगी महिला समाख्या की वर्कर भुखमरी के कगार पर
  • 17 लाख 39 हजार 130 महिलाएं है जौनपुर और मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र में वोटर

जौनपुर। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व के सियासी शोर में आधी आबादी के मुद्दों पर बहस नहीं हो रही है। महिलाओं को साधने में राजनैतिक दल पीछे नहीं है। अपनी-अपनी महिला इकाईयों के जरिए इन्हें अपने पक्ष में जाने की कोशिश तो हो रहीं है। लेकिन तीस वर्षो से महिला सशक्तीकरण का कार्य कर रहीं महिला समाख्या से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जा रहा है। सियासी शोर में इतना बड़ा मुद्दा दब कर रह गया है। जबकि 17 लाख 39 हजार 130 महिलाएं है जौनपुर और मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की तकदीर लिखेंगी।

जिले में मतदाताओं की संख्या वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र को लेकर 27 लाख 11 हजार 882 है। इसमें महिलाएं 17 लाख 39 हजार 130 महिलाएं शामिल है। प्रदेश के जौनपुर सहित 19 जिलों में महिला समाख्या 16338 ग्राम पंचायतों में ढ़ाई लाख महिलाओं का नेटवर्क है। जिसको छह लाख महिलाओं का संगठित नेटवर्क के रूप में तैयार किया जा चुका है। आठ सौ से अधिक इसमें कार्यरत महिला कर्मचारियों सहित अन्य को नवंबर 2018 से मानदेय नहीं मिल सका है। जिसमें जौनपुर के तकरीबन 400 लोग शामिल है। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2017-18 में दस करोड़ का बजट आवंटन हुआ था। लेकिन वर्ष 2019 में सिर्फ दो करोड़ का बजट आवंटन किया गया है। 11 जिलों में इसका विस्तार भी किया जा रहा है। लोकसभा के इस चुनाव में आधी आबादी के मुद्दों पर बहस नहीं हो रही है।

क्या है महिला समाख्या

जौनपुर। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला समाख्या 26 तरह का कार्य कर रही है। जिसमें घरेलू हिंसा की महिलाओं को न्याय दिलाने, महिला एवं बाल अधिकार मंच का गठन , ग्राम पंचायत स्तर पर बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए जागरूकता, बाल विवाह रोको अभियान, साथी मंच मेला प्रतियोगिता, साथी मंच संमेलन, नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान, घरेलू हिंसा पखवारा, बालिका दिवस और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम, कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम, स्वच्छ भारत मिशन के तहत संघ महिलाओं द्वारा शौचालय निर्माण में जागरूकता, एक व्यक्ति एक वृक्ष योजना, जिला सेवा विधिक प्राधिकरण द्वारा साक्षरता में सहयोग, नारी अदालत, नारी संजीवनी केंद्र आदि दायित्वों का निर्वहन करती है।

प्रदेश के 16636 ग्राम पंचायतों में कार्य कर रही महिला समाख्या

जौनपुर। ​महिला समाख्या महिला एवं बाल कल्याण उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है। यह प्रदेश के 19 जनपद के 220 ब्लाक के 16636 ग्राम पंचायतों में कार्य कर रही है। इसमें करीब 800 से कार्यकर्ता जुड़े हैं। महिला समाख्या के माध्यम से प्रदेश में 150 नारी अदालतें संचालित हैं जिसके माध्यम से प्रतिमाह 1500 केस का निस्तारण किया जाता है। पूरे प्रदेश में 233 नारी संजीवनी केंद्र है जहां जड़ी बूटी से निर्मित दवाओं के माध्यम से उपचार एवं परामर्श दिया जाता है।




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