राजनीति का पुरोधा पंचतत्व में विलीन, ऐसा रहा मनोहर पर्रिकर का IIT से रक्षामंत्री तक का सफर | #AAPKIUMMID - उम्मीद

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Monday, March 18, 2019

राजनीति का पुरोधा पंचतत्व में विलीन, ऐसा रहा मनोहर पर्रिकर का IIT से रक्षामंत्री तक का सफर | #AAPKIUMMID

मयंक तिवारी
सादगी में जीता था देश को संवारता था,
हर किसी की आंखे नम, हर कोई गमगीन।
देश के सच्चे सेवक को देश का नमन।।
नई दिल्ली। तन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन समर्पित चाहता हूं। देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं... कुछ इसी तरह का भाव लेकर जन्मे गोवा के मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार की देर शाम निधन हो गया। 63 साल के सीएम करीब एक साल से कैंसर से जूझ रहे थे। जीवन क्षणभंगुर है। व्यक्ति का कार्य ही लंबे समय तक लोगों के बीच यादगार बना रहता है और इस कड़ी में मनोहर पर्रिकर की जीवनशैली कुछ ऐसी थी जिससे उन्हे भुलाए नहीं भुला जा सकता।

सादगी में जीना और कार्यकुशलता से छाप छोड़ जाना मनोहर पर्रिकर से आसानी से सीखा जा सकता है। मनोहर पर्रिकर का न रहना बीजेपी की ही नहीं देश की अपूरणीय क्षति है। उनके कार्यकाल में गोवा लगातार तीन साल तक भारत का सर्वश्रेष्ठ शासित प्रदेश रहा। कार्यशील, सिद्धांतवादी पर्रिकर को गोवा में मि. क्लीन के नाम से भी जाना जाता था। बतौर रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने देश के दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे। IIT से रक्षामंत्री तक और फिर गोवा के मुख्यमंत्री तक मनोहर पर्रिकर का रिकार्ड शानदार रहा।
देश की राजनीति के हर स्तर पर केवल भ्रष्टाचार ही देखने को मिलता है। ऐसे में जनता का विश्वास नेताओं पर से उठता जा रहा है। भारत के कई नेताओं की छवि जनता के बीच कुछ खास नहीं हैं। वहीं जनता लगभग हर नेता को भ्रष्ट नेता के रूप में देखती है जो गलत है। क्योंकि अभी भी भारत की राजनीति में कुछ गिने-चुने ऐसे राजनेता मौजूद हैं, जिनकी छवि एकदम साफ-सुथरी है। इन्हीं साफ छवि वाले नेताओं में से एक नेता मनोहर पर्रिकर भी थे।
उन्हें कार्य और उनकी ईमानदारी के लिए जाना जाता है। एक छोटे से राज्य से अपना राजनीति का सफर शुरू करने वाले पर्रिकर ने अपनी मेहनत के दम पर आज अपना एक नाम बनाया है। गोवा के सीएम बनने के कुछ समय बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी। पत्नी के गुजर जाने के बाद पर्रिकर ने धैर्य नहीं छोड़ा और देश की सेवा के साथ-साथ परिवार का भी बखूबी ख्याल रखा। वे स्कूटर से चलते थे और सादगी में जीते थे। लोग उन्हे स्कूटर वाला सीएम भी कहते हैं।
राजनीतिक जीवन में मनोहर पर्रिकर पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। यहां तक की पर्रिकर ने खुद की सरकारी सुविधाओं में भी खूब कटौती की। सरकारी आवास भी लेने से मना कर दिया। देश ऐसे नेताओं को कभी भूल नहीं सकता मनोहर पर्रिकर को पूरा देश नमन करता है।
बतातें चले कि गोवा के दिवंगत सीएम मनोहर पर्रीकर का अंतिम संस्कार मीरामार बीच पर किया गया। उनकी इस अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में उनके चाहने वाले शामिल हुए। सभी ने मनोहर पर्रिकर को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार किया गया।

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